पुना पैक्ट विरोध दिवस के दिन नागपुर में
सम्मेलन के लिए आयोजन समिति का गठन

बैठक
में वक्ताओं ने एक मत से कहा कि जाति व्यवस्था भारत में एक भयंकर बीमारी की तरह
है। लेकिन भारत का शासक वर्ग इसे कोई समस्या नहीं मानता। एक जातिविहिन वर्ग विहिन
समाज की स्थापना के लिए जाति उन्मूलन आंदोलन पिछले 5 वर्ष से देश में सक्रिय है।
देश में महाराष्ट्र सहित करीब 12 राज्यों में जाति उन्मूलन आंदोलन की राज्य इकाई
सक्रिय है। इसका मुखपत्र हिंदी में ’’जाति उन्मूलन’’
व अंग्रेजी में ’’cast annihilation’’ सफलतापूर्वक प्रकाशित की जा रही है। इसका अखिल भारतीय
सम्मेलन नागपुर में आगामी 13,14 जनवरी 2018 को आयोजित होने जा रहा है। नागपुर एक
तरफ तो अंबेडकरी आंदोलन ब्राम्हणवाद विरोधी आंदोलन का गढ़ है तो दूसरी ओर
प्रतिक्रियाशील ताकतों ब्राम्हणवादी ताकतों का केन्द्र भी है। इसीलिए नागपुर में
जाति उन्मूलन आंदोलन का अखिल भारतीय सम्मेलन,
ब्राम्हणवादी मनुवादी
सांप्रदायिक फासीवादी ताकतों के खिलाफ एक हल्लाबोल कार्यक्रम होगा। भारत में करीब
ढ़ाई दशक से नवउदारवाद का राज चल रहा है और निजीकरण-उदारीकरण-भूमंडलीकरण के चलते
उत्पीड़ित वर्गों और मेहनतकश समुदायों विशेष रूप से दलितों की हालत बद से बदतर होते
गई है। वर्तमान में पिछले 3 वर्षों से भी अधिक समय से देश में सत्ता पर काबिज धुर
दक्षिणपंथी सांप्रदायिक फासिस्ट ताकतों ने चैतरफा नफरत का जहर फैलाने का अभियान
चला रही है। इनके द्वारा राजस्थान,
हरियाणा, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर
प्रदेश, उड़ीसा, झारखण्ड व महाराष्ट्र में दलितों, आदिवासियों
व अल्पसंख्यकों पर हमले की अनेक वीभत्स घटनाएं घटी हैं। कट्टर हिंदूत्ववादी ताकतें
एक तरफ तो बाबा साहब आंबेडकर को हथियाने की कोशिश में है तो दूसरी ओर
विश्वविद्यालय परिसरों में छात्र-छात्राओं के खिलाफ दमनात्मक रवैया अख्तियार कर
रही है। गौमांस, लवजिहाद, आदि फितूरों की आड़ में लोगों के भोजन, पहनावा
को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। शासक वर्ग द्वारा एक तरफ तो कार्पोरेट
ताकतों को पूरा लाभ पहुंचाया जा रहा है तो दूसरी ओर गरीब, आमजनता
को और बदहाल बनाया जा रहा है। बैठक में नागपुर सहित महाराष्ट्र के विभिन्न जगहों
से जाति उन्मूलन आंदोलन व दलित आंदोलन से जुड़े विभिन्न संगठनों के कार्यकत्र्ता व
बुद्धिजीवीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
No comments:
Post a Comment
We are waiting for your feedback.
ये सामग्री आपको कैसी लगी अपनी राय अवश्य देवे, धन्यवाद